सूरजपुर। न्यू सर्किट हाउस सूरजपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं अनिल सिंह मेजर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते महिलाओं को उनका अधिकार मिलने से रोका गया है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी रहा है और अब समय आ गया था कि देश की आधी आबादी को नीति-निर्धारण में समान भागीदारी दी जाए। उन्होंने इस अधिनियम को “नारी शक्ति के सम्मान का महायज्ञ” बताते हुए कहा कि सरकार ने सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा की थी, लेकिन विपक्ष ने इसे समर्थन नहीं देकर महिलाओं की उम्मीदों को झटका दिया।
उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की दिशा और भविष्य से जुड़ा विषय है। “हमारी माताओं, बहनों और बेटियों ने वर्षों से इस अवसर का इंतजार किया, लेकिन विपक्ष ने अपने हितों के कारण उन्हें फिर इंतजार करने पर मजबूर कर दिया,” उन्होंने कहा।
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि लंबे समय तक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए ठोस पहल नहीं की गई। वर्तमान सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया, लेकिन विपक्ष की भूमिका निराशाजनक रही।
इस दौरान ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि पूर्व में महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कई निर्णयों में राजनीति हावी रही, जिन्हें अब सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार महिलाओं को निर्णय लेने के उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, भाजपा जिला अध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा,उपाध्यक्ष रेखा राजवाड़े, जनपद पंचायत अध्यक्ष स्वाति सिंह,जिला उपाध्यक्ष संत सिंह, जिला मंत्री राजेश्वर तिवारी, रितेश गुप्ता, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष देव गुप्ता, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नूतन विश्वास,मुकेश साहू, पवन साहू,धर्मवीर सोनी, संजू सोनी, कृष्णकांत गोयल, प्रदीप गर्ग,देवंती साहू ,नेहा तिवारी, सहित महिला मोर्चा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
*क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम?*
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना है, ताकि उनकी भागीदारी बढ़े और नीति-निर्धारण में उनकी भूमिका मजबूत हो सके।



















