0*प्रायमरी एंव मिडिल स्कूल के शौचालय सबसे ज्यादा खराब*
0*एक एक स्कूलों में बालक ,बालिका ,और दिव्यांग शौचालय दस साल पूर्व बना था लेकिन अब जर्जर होकर उपयोग विहीन हो रहे हैं उदयपुर ब्लाक के अधिकांश शौचालय*
0*कही दरवाजा नहीं, तो कही बोर टंकी खराब*
डाँड़गांव। उदयपुर विकास खंड के 90 बालिका एंव 130 बालक कुल 220 शौचालय लम्बे समय से उपयोग विहीन जर्जर अवस्था में पड़े हुए हैं। जिससे अंदाज लगाया जा सकता है कि सरकारी स्कूलों के शौचालयों का क्या हाल है। शासन प्रशासन शिक्षा व्यवस्था के नाम पर अरबों रुपये खर्च करती है लेकिन आज तक मूल भूतशौचालय जैसे महत्वपूर्ण व्यवस्था को पूरा नहीं कर पाई है। ये तो ब्लाक के प्राइमरी एंव मिडल स्कूलों के सैकड़ों के शौचालय का ये हाल है ब्लाक के कई हाई स्कूल एंव हायर सेकेंडरी स्कूल में भी बड़ी अव्यवस्था ही जर्जर शौचालयों में काम चला रहे हैं।अधिकाश ऐसे प्रायमरी एंव मिडिल स्कूल है जहाँ रमन सिंह के शासन काल में लगभग 10 साल पूर्व प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्राथमिकता के तौर पर अभियान चलाकर शहर, गांव, जंगल तक के स्कूलों में बालक, बालिका, दिबयांग शौचालय करोड़ो रूपये के लागत से बनवाया गया था लेकिन प्रारम्भिक दिनों में स्कूलों में शौचालयों का अच्छा उपयोग हुआ कुछ समय बाद देख रखे मरमत के अभाव में धिरे धिरे शौचालय जर्जर होते चले गए जिस कारण ब्लाक के अधिकांश सैकड़ो स्कूलों के शौचालय उपयोग विहीन हो गए हैं बच्चों को खुले मैदान में शौचालय के लिए जाना पड़ता है।कही दरवाजे टूटे हुए हैं तो कही शीट खराब है, दीवाल गिर रहा है टंकी खराब है, वाटर सप्लाई का बोर पाईप छत पर रखें सिंटेक्स की टंकी टूटी फूटी है या गायब हो गया है।सबसे ज्यादा हालत गुमगा ,डाँड़गांव ,सलबा, बासेन परसा, चकेरी पंडरी डाँड़ ,फुलचुही सहित आस पास के स्कूलों का हैं लेकिन आज तक इस महत्वपूर्ण समस्या की ओर कोई ध्यान ,प्रशासन द्वारा नहीं दिया जा रहा है।पलकों ने शीघ्र शौचालय संबंधी समस्याओं के निराकरण की मांग की है।जबकि केंद्र सरकार द्वारा अरबों रुपये स्वक्छ भारत मिशन के तहत खर्च कर रही है लेकिन अभी भी कई क्षेत्र अधूरे पड़े हैं। विगत दिन हाई कोर्ट भी विद्यालय के शौचालयों को लेकर नराजगी जता चुकी है।
पानी बिजली की भी है दिक्कत
ब्लाक के कुछ स्कूलों में ऐसा भी हालत है जहाँ बोर लंबे समय से खराब होने के साथ साथ बोर ड्राई भी है वही शौचालयों से लम्बे समय से उपयोग ना होने के कारण पाईप लाईन सफ्लाई ,सिन्टेक्स की टंकी बिजली तक की व्यवस्था नहीं है। कुछ ग्राम पंचायतों में मरमम्त एंव निर्माण कार्य की शुरुआत की जा रही है जहाँ बजट आया है लेकिन वह भी गुणवत्ता विहीन हैं।पूर्व में जो शौचालय का निर्माण करवाया गया था वह भी अधिकांश जगह घटिया निर्माण होने के कारण बहुत ही जल्द जर्जर होने का महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।
सुधार के लिए कुछ बजट ग्राम पंचायतों में आया है।ग्राम पंचायत स्तर पर सुधार कार्य चालू की गई है जहाँ नहीं है वहाँ नया शौचालय बनवाया जायेगा। जर्जर शौचालयों की जानकारी विभाग को भेजी गई है।
रवि कांत यादव बीईओ उदयपुर



















