*स्वास्थ्य मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री ने स्वयं बाइक रैली में शामिल होकर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश*
*रोड सेफ्टी अपना हेल्प क्यूआर के लोगो का हुआ शुभारंभ,एक स्कैन से मिलेगी अनेक सुविधाएं*
*सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन का संकल्प, मंत्री श्री जायसवाल ने दिलाई शपथ*
सूरजपुर। सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित यातायात का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन सूरजपुर एवं अपना हेल्प क्यूआर के संयुक्त तत्वावधान में सड़क सुरक्षा मैराथन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। मैराथन में लगभग 800 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।मैराथन का शुभारंभ राजमोहनी माता चौक से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री एवं महिला बाल विकास विभाग मंत्री साहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ने स्वयं बाइक रैली में शामिल होकर नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित वाहन चालन का संदेश दिया। मैराथन का समापन साधुराम सेवा कुंज में हुआ। इस दौरान रोड सेफ्टी मैराथन में विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी,जनपद अध्यक्ष सूरजपुर श्रीमती स्वाति सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्रीमती रेना जमील, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, वनमण्डलाधिकारी विपुल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, अन्य अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक, मैराथन प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता एवं दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रोड सेफ्टी अपना हेल्प क्यूआर के लोगो का शुभारंभ भी किया गया। इस पहल के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उपस्थित जनसमूह को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे स्वयं दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का उपयोग करते थे। उन्होंने युवाओं से कहा कि सुरक्षित यातायात की शुरुआत हमें स्वयं से करनी होगी। सड़क सुरक्षा के नियमों को केवल याद रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाना भी जरूरी है।
मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अनुशासित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पीएम राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सहायता करने वाले पात्र राहवीर को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का प्रावधान है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने नागरिकों से दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। इस दौरान उन्होंने अटल आरोग्य मंदिर की अवधारणा एवं इसके माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता को व्यवहार में उतारना आवश्यक है। हेलमेट पहनना, सुरक्षित गति से वाहन चलाना और यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मैराथन में शामिल प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति ली गई शपथ स्वयं के साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं न केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरे परिवार को अनेक कठिनाइयों और संकटों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहते हुए यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए।उन्होंने कहा कि युवा समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक हैं। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सड़क सुरक्षा के प्रति समाज में नई जागरूकता आएगी और सुरक्षित यातायात का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा।
प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने मैराथन में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल शपथ लेने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका गंभीरता से पालन करना भी हम सभी की जिम्मेदारी है। सड़क सुरक्षा के नियमों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर हम स्वयं के साथ दूसरों के जीवन की भी रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवस्था के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने मैराथन में बच्चों एवं युवाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा हम सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जाए, तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल 5 किलोमीटर की दौड़ नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति हमारी सामूहिक जागरूकता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कलेक्टर ने जिला प्रशासन की अभिनव पहल अपना हेल्प क्यूआर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नवाचार का उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में जरूरतमंदों तक त्वरित एवं निःशुल्क सहायता पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और पीएम राहत योजना के अंतर्गत उपचार सुविधा का लाभ दिलाने में भी यह पहल मददगार हो सकती है। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया।
*एक क्यूआर, कई समाधान - आपातकाल में मददगार बनेगी डिजिटल पहल*
अपना हेल्प क्यूआर सूरजपुर जिले में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को एक ही क्यूआर कोड स्कैन करने पर अनेक महत्वपूर्ण सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस एवं पुलिस को कॉल करने, परिजनों को सूचना पहुंचाने तथा गलत पार्किंग की स्थिति में वाहन मालिक को अलर्ट भेजने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इस प्रणाली में उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी एवं पहचान की गोपनीयता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। जिले के सभी ब्लाइंड स्पॉट पर भी क्यूआर कोड लगाए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर नागरिक आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें। यह पहल विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित सहायता उपलब्ध कराने, समय पर उपचार सुनिश्चित करने तथा सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
*न कोई दुर्घटना अनदेखी रहेगी, न कोई जरूरतमंद अकेला रहेगा - सड़क सुरक्षा का लिया गया सामूहिक संकल्प*
इस अवसर पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उपस्थित जनसमूह को सड़क सुरक्षा की सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा का संकल्प केवल स्वयं की नहीं, बल्कि दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी है। सभी ने यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, तेज रफ्तार से बचने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता के लिए आगे आने का संकल्प लिया। साथ ही तकनीक को जीवन बचाने का माध्यम बनाते हुए अपना हेल्प क्यूआर के जरिए जरूरतमंदों की सहायता करने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान न कोई दुर्घटना अनदेखी रहेगी न कोई जरूरतमंद अकेला रहेगा के संदेश के साथ सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।




















