जनहित संघ अंतर्गत पंडो विकास समिति के भोग-भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण
आयोजन में युवाओं, माताओं-बहनों और ग्रामीणों की रही उत्साहपूर्ण भागीदारी
सतीश मिश्रा एमसीबी/भरतपुर। आस्था, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब चांग भखार की आराध्य देवी मां चांग माता के पावन मंदिर परिसर में जनहितसंघ अंतर्गत पंडो विकास समिति द्वारा विशाल भोग-भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और मां चांग माता के दर्शन-पूजन कर सुख, समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
भोग-भंडारे में विशेष रूप से क्षेत्र के युवाओं, माताओं एवं बहनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सर्वप्रथम जनहित संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष संवर्त कुमार रूप द्वारा मां चांग माता को विधिवत खीर का भोग लगाया गया तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभाली। मंदिर परिसर सुबह से ही भक्तों की भीड़ से गुलजार रहा। मां चांग माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि मां चांग माता चांग भखार क्षेत्र की लोकआस्था का प्रमुख केंद्र हैं। यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर माता के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसी कड़ी में जनहित संघ अंतर्गत पंडो विकास समिति द्वारा सामाजिक एकता, धार्मिक चेतना और जनकल्याण की भावना से भोग-भंडारे का आयोजन किया गया।
भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में भाईचारा, सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। आयोजन के दौरान समिति के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने एवं प्रसाद वितरण की बेहतर व्यवस्था की थी।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, युवा एवं वरिष्ठ नागरिक भी उपस्थित रहे। सभी ने मां चांग माता के चरणों में क्षेत्र की उन्नति, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
भोग-भंडारे के सफल आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि चांग भखार की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं आज भी लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रही हैं। मां चांग माता के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा भावना ने पूरे आयोजन को भव्य एवं यादगार बना दिया।



















