*विशेषज्ञ डॉक्टरों के आभाव में जूझ रहा है समुदायिक स्वास्थ्य उदयपुर।*

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*विशेषज्ञ डॉक्टरों के आभाव में जूझ रहा है समुदायिक स्वास्थ्य उदयपुर।*

 


0*ब्लड बैंक, आईसीयू ,एम्बुलेंस की समस्या एफआरयू सेंटर में बनी हुई है*






बसंत यादव डाँड़गांव। आदिवासी बहुल इलाकों का एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर जो नेशनल हाईवे 130 के किनारे स्थित है।जो उदयपुर विकास खंड के 90 गांवों के अलावा प्रेम नगर विकास खंड के कई गांवों के लोग इस अस्पताल में इलाज के लिए प्रति आते हैं।इस अस्पताल को एफआरयू सेंटर का दर्जा प्राप्त है।सरगुजा जिले का जिला मुख्यालय के बाद दूसरे नम्बर का हॉस्पिटल हैं।इस वन क्षेत्र की जीवन दायिनी हॉस्पिटल हैं।नेशनल हाईवे के किनारे होने के कारण आये दिन सड़क दुर्घटना भी होती रहती है जिसके कारण भी एमरजेंसी सेवा के नाम पर भी इस हॉस्पिटल को जाना जाता है।लेकिन वर्षो से मूल बहुत समस्यओं से आसपास जूझ रहा है।


विशेषज्ञ डाक्टरो की भारी कमी


सेटप के आधर पर हॉस्पिटल में 6मेडिकल ऑफिस चाहिये लेकिन वर्तमान में मात्र दो मेडिकल ऑफिसर है। 4पद खाली है।इसके अलावा स्त्रीरोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग, निसचेतना, मेडिसिन, सर्जन सहित अन्य पड़ लंबे समय से खाली है।सिर्फ एमबीबीएस डॉक्टरों के माध्यम से काम चलाया जा रहा है।


एम्बुलेंस के आभाव में 108 पर निर्भर रहना पड़ता है मरीजों को।


यह अस्पताल ब्लाक के लोगों के लिए जीवनदायिनी के रूप में जाना जाता है लेकिन अस्पताल का सरकारी एम्बुलेंस पूरी तरह से कबाड़ हो गया।अब मरीजो को 108 व्यवस्था के ऊपर निर्भर रहना पड़ता है 108 वाहन लखनपुर या कुन्नी से आता तो पहुंचे हैं घँटों लग जाता है एमजेंसी सेवा के रूप में रामनगर पंचायत का छोटा एम्बुलेंस का कभी कभार उपयोग किया जाता है।जबकि 2 एम्बुलेंस अस्पताल में हमेशा चाहिये अभी अभी एक एम्बुलेंस मिला है वह भी कागजी कार्यवाही के बिना शो पीस में खड़ी है।ये तो एम्बुलेंस सुविधा का हाल है।


ब्लड बैंक, आईसीयू के बेहद आवस्यकता।


एफआरयू सेंटर होने के कारण यहाँ पर ब्लड बैंक एंव आईसीयू की व्यवस्था बेहद ही अनिवार्य है।ब्लड बैंक एंव आईसीयू ना होने के कारण घटना दुघर्टना में घायल मरीज एंव गंभीर बीमार मरीज सुविधा के अभाव में मौत हो जाती है।


छोटे छोटे बिमारियों के इलाज के लिए अम्बिकापुर जाना पड़ता है मरीजों को।


 हार्ट अटैक आ जाये तो अस्पताल में ईसीसी जी तक नहीं है। यह जीवन दयनीय अस्पताल में सैकड़ों किलोमीटर दूरी तय कर दूर दूर से लोग आते हैं लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी एंव समुचित व्यवस्था ना होने के कारण छोटे छोटे बिमारी के ईलाज के लिए जिला मुख्यालय अम्बिकापुर समय एंव धन खर्च कर जाना पड़ता है।


 सोनोग्राफी ,ईसीजी का भी अभाव


इतना बड़ा अस्पताल हैं लोग को अपनी जान बचाने के लिए भागते अस्पताल आते हैं लेकिन अस्पताल में न सोनोग्राफी की व्यवस्था है और ना ही ईसीजी जैसे महत्वपूर्ण चीज जिससे लोगो को अपनी जान तक गवानी पड़ती है।



    विशेषज्ञ डॉक्टर सहित अन्य कुछ समस्याएं अस्पताल है।जिसे उच्च अधिकारियों एवं विभाग को अवगत कराया गया है।


डॉ योगेंद्र पैकरा बीएमओ उदयपुर

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