0*ऑपरेशन सिंदूर-भारत की आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ कार्रवाई*
सूरजपुर। हम भारत के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण को देख रहे हैं।ऑपरेशन सिंदूर यह ऑपरेशन न केवल आतंकवाद के खिलाफ हमारी दृढ़ संकल्प की अभिव्यक्ति है, बल्कि यह हमारे देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल ने बताया कि आपरेशन सिंदूर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व व गृहमंत्री अमित शाह ,रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की कुशल रणनीति तथा भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम के कारण पूरी तरह सफल रहा है। ऑपरेशन सिंदूर एक विशेष रूप से योजनाबद्ध कार्रवाई है जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के बाद शुरू की गई थी। इस हमले में निर्दोष नागरिकों की मौत हुई थी, और इसने भारत की संप्रभुता के लिए एक गंभीर चुनौती पेश की थी। श्री अग्रवाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना था। इसका लक्ष्य पाकिस्तान और PoK में स्थित आतंकवादी संगठनों, जैसे कि जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, और हिजबुल मुजाहिदीन, को प्रभावी ढंग से नष्ट करना था।उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और PoK में नौ प्रमुख आतंकवादी ठिकानों पर सटीकता से हवाई हमले किए। इन हमलों में आतंकवादी शिविरों, प्रशिक्षण शिविरों, और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया।ऑपरेशन सिंदूर के परिणामस्वरूप, कई महत्वपूर्ण आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया, और कई आतंकवादी मारे गए। यह ऑपरेशन पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की रियायत नहीं करेगा। भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई के रूप में देखा है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत हमेशा आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रखेगा। ऑपरेशन सिंदूर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण है। यह ऑपरेशन न केवल आतंकवाद के खिलाफ हमारी दृढ़ संकल्प की अभिव्यक्ति है, बल्कि यह हमारे देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि हम आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे तथा किसी भी देश द्वारा किए गए आतंवादी हमला युद्ध माना जाएगा।भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता बनी रहेगी।



















